• 22 Jul, 2024

Lamhe Yado Ke Bewafai Poem In Hindi Best 28 Lines

Lamhe Yado Ke Bewafai Poem In Hindi Best 28 Lines

Lamhe yado ke, Infidelity poem, it is the feeling of a broken heart. Never can we explain this feeling, because when we fall in love with anyone. Then we feel very happy and that person becomes a part of our life.

This world does not look good after being separated from him, and we write some lines and confessions in memory of that person and by reading that we could remember those golden time when we love to be together.

so read this infidelity poem which is written by me , read them and tell your thoughts about my poem.

हिंदी :- बेवफाई कविता, यह टूटे हुए दिल की भावना है। कभी भी हम इस भावना की व्याख्या नहीं कर सकते, क्योंकि जब हम किसी एक के साथ प्यार करते हैं। तब हम बहुत खुश महसूस करते हैं | और वह व्यक्ति हमारे ज़िन्दगी का एक हिस्सा बन जाता हैं |

और उससे बिछड़ने के बाद ये दुनिया अच्छी नहीं लगती और हम उसी व्यक्ति की याद में कुछ लाइने और कबितायें लिखते हैं | जिसे पढ़कर हम उन सुनहरे पालो को याद कर सके जब हम साथ हुआ करते थे | तो चलिए कुछ पक्तियां मेरे द्वारा लिखी गयी है आप उशे पढ़े और अपना बिचार मुझे बताये की आपको कैसी लगी मेरी कबिता |

Lamhe yado ke हिंदी कबिता
Gar kar li mohabbat to koi juda na ho…
Fir kishi mod pe hum meele aisi koi khata na ho….
Ya khu da dena mujhe aisi maut..
Mai duniya chhod v du.. Our ushe pata na ho…….

Ajeeb lagta hai tere bare me sochkar..
Dil ro uthta hai teri yado me doobkar.,!
Duniya ab rash nahi aati., Fir v chal raha hu in pathro me tut kar…!

Maine socha n tha mere intezar ka ye sila meelegi…
Koi baitha yaha teri rah takega..
Our tu kishi our naino ka tara banegi …!

Mere bagiyan me tere payar ka phool kabhi na khili…!
Manjil se rahe aaj tak na meeli..
Aare pagali mai to tujhe chand samajhta tha…
Tu to tara v na nikali….!

Pathar ki duniya hai jajbat nahi samajhti.,
Tere shiwa is kambakt dil me koi surat nahi sajti…!

Malum hai meri jajato ko samajh nahi paoge tum… Mai gareeb hu yahi sochkar,
aaj v mera majak udaoge tum…!
Mana ki teri raho me sone,chandi ke phool bhichhe hai…
Kya is duniya ke bahar ushe lekar jaoge tum….

Facebook ki duniya hai.. Log Dil me chhupi dard nahi samajh payenge… Aaj nahi to kal log meri hi jajbato ka, Comment banayenge…!

Ishliye Kya kahu tujhe ab kuchh, kaha nahi jata..
U tujhko, mujhse muh mod kar jata dekh,..
Ab raha nahi jata…!

Kyo ho khafa ye bata to do..
Mere intezar ka kuchh seela to do…
Mana ki chun li humsafar tumne…
Bus ek bar hamari gunah bata to do… .

Lamhe yado ke (लम्हे यादों के)
गर कर ली मोहब्बत तो कोई जुदा न हो…
फिर किसी मोड़ पे हम मिलें ऐसी कोई खता न हो….
या खुदा देना मुझे ऐसी मौत..
मै दुनिया छोड़ भी दूँ.. और उसे पता न हो…….

अजीब लगता है तेरे बारे में सोचकर..
दिल रो उठता है तेरी यादों में डूबकर.,!
दुनिया अब रास नहीं आती., फिर भी चल रहा हूँ इन पत्थरों में टूट कर…!

मैंने सोचा न था मेरे इंतज़ार का ये सिला मिलेगी…
कोई बैठा यहाँ तेरी राह ताकेगा ..
और तू किसी और नैनों का तारा बनेगी…!

मेरे बगिया में तेरे प्यार का फूल कभी न खिली…!
मंजिल से राहें आज तक न मीली..
अरे पगली मैं तो तुझे चाँद समझता था…
तू तो तारा भी न निकली….!

पत्थर की दुनिया है जज्बात नहीं समझती.,
तेरे सिवा इस कमबख्त दिल में कोई सूरत नहीं सजती…!

मालूम है मेरी जज्बातों को समझ नहीं पाओगे तुम… मैं गरीब हूँ यही सोचकर,
आज भी मेरा मजाक उड़ाओगे तुम…!
माना की तेरी राहों में सोने ,चांदी के फूल बिछें हैं…
क्या इस दुनिया के बाहर उसे लेकर जाओगे तुम….

फेसबुक की दुनिया है.. लोग दिल में छुपी दर्द नहीं समझ पायेंगे… आज नहीं तो कल लोग मेरी ही जज्बातों का, कमेंट बनायेंगे…!

इसलिए क्या कहूँ तुझे अब कुछ, कहा नहीं जाता..
यूँ तुझको, मुझसे मुंह मोड़ कर जाता देख,..
अब रहा नहीं जाता…!

क्यों हो खफा ये बता तो दो..
मेरे इंतज़ार का कुछ सीला तो दो…
माना की चुन ली हमसफ़र तुमने…
बस एक बार हमारी गुनाह बता तो दो… .